बापा हमेशा कहते है कि जहां मधु (शहद) होगा वहा मधुमक्खियां आ ही जाएँगी कोई ढूंढने जाने की जरुरत नहीं है! ठीक वैसे ही जहां ऐसे संत पुरुष होंगे वहाँ जिज्ञासु, ज्ञान के लिए तत्पर, शूर वीर पहुंच ही जाते है! क्या जाती क्या वर्ण क्या ऊंचा क्या नीचा सब बापा के सामने एक समान ही है! वह सभी में उसी एक तत्व को देखते है, उसी स्वरुप को निरखते है!
गुरु पूर्णिमा के उपलक्ष्य में हुए समारोह की कुछ तस्वीरें आप के साथ यहाँ सांझा कर रहा हूँ जरूर देखिये!
Sat Shree Paresh-Ram Baapa!
Sat Shree Paresh Ram Baapa & their followers














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